Author Archives: indra

भगवत् गीता और लोक सेवा

भगवत् गीता और लोक सेवा गीता कर्म को मनुष्य जीवन में प्रधानता देती है. कृष्ण कहते हैं कि मैं एक क्षण भी कर्म से विरत नहीं हो सकता, नहीं तो सृष्टि का चक्र ही बन्द हो जायेगा. पर गीता में … Continue reading

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दुर्गा पूजा-नवरात्र का महत्व

बंगाल की मिट्टी ने यह श्रद्धा जगाया है… Durga Puja According to Hindu mythology, Mahisasura had obtained a boon of invincibility from Lord Brahma, which meant no man or God could kill him. Taking advantage of the boon, he started … Continue reading

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My Contemporary Thoughts and My Views-1

1 Entrepreneurs! Make in India: As reported, the Indian Army spends ₹400 crore on mules, which are the means of transporting rations and materials in inhospitable terrain. It can easily use drones for moving material. Design and develop indigenous drones … Continue reading

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महात्मा, धर्म, भगवद् गीता और हमारी असहिष्णुता

महात्मा गांधी के जन्मदिन पर एक अर्घ्य यह भी हो सकता है कि हम उनके ‘धर्म’ की मान्यता को समझें, जो निम्न है- “धर्म से मेरा अर्थ प्रथा-गत धर्म से नहीं है, परन्तु धर्म जो सभी धर्मों का आधार है, … Continue reading

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Present Crisis of Auto Sector

Will the government be able to pursue GST Council to agree for a cut in the rate of GST for auto sector from 28% to 18% as demanded by the auto manufacturers of the country? If not, what will be … Continue reading

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भगवद्गीता:हिन्दूओं से एक आग्रह:जाति प्रथा को छोड़ें।

हम सब यह स्वीकार करते हैं कि हमारा धर्म हिन्दू है. हमारा धर्म एवं जीवन भारत के अति प्राचीन काल के मनीषियों द्वारा रचित वेद, उपनिषद्,महाभारत, भगवद् गीता, रामायण आदि धर्मग्रथों की शिक्षाओं पर आधारित है. उसी आधार पर मेरा … Continue reading

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शंकराचार्य का जाति भेद का ज्ञान अर्जन

किस ज़माने में रह रहें है हम…हम सब क्या शंकराचार्य से भी ऊपर हैं या उन्हीं द्वारा प्रतिपादित हिन्दू होते हुये भी उनकी सीख से सीख नहीं लेना चाहते….पढ़िये शंकराचार्य का जाति भेद का ज्ञान अर्जन अपने वराणसी के प्रवासकाल … Continue reading

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