Author Archives: indra

वर्णाश्रम की सामयिकता-आज के संदर्भ में

प्राचीन भारत के समाज शास्त्री मनीषियों ने दो सार्वभौम व्यवस्था की खोज की और स्थापित किया.अगर बिना पक्षपात और संकीर्ण मनोभाव के देखा जाये, वे आज भी उतना ही सामयिक एवं सर्वपयोगी है जितना उस समय थे. अगर उसे सठीक … Continue reading

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भागवत पुराण, तुलसीकृत रामचरितमानस और कलिकाल

प्राचीन समय से ही कलियुग को सबसे निकृष्ट युग बताया गया.बहुत ग्रंथों में इस का ज़िक्र है. दो जानता हूं- भागवत पुराण एवं रामचरितमानस मानस.भागवत पुराण के अंश की जानकारी डा. यू.डी.चौबे से मिली. किसी जानकार ब्यक्ति ने उनके पास … Continue reading

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HAL on Testbench

HAL , Hindustan Aeronautical Ltd., is having a huge national responsibility for the defence of the country as well as present world our capability by getting into export business significantly. Here are different tasks: 1. HAL must complete the 123 … Continue reading

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Indigenous Defence Production

1. How Many Tejas can HAL produce per Annum? Here the highlights based on the media interviews of Chairman, CEO of HAL: 1. Since January 2015, HAL has delivered just eight Tejas aircraft to the Air Force, perhaps nine-eleven by … Continue reading

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विचारों के जंगल में-१०

१.४.२०१८ अपने को सवर्ण हिन्दू कहनेवालों को ग्रामीण मानसिकता से निकलना चाहिये और सभ्य बनने की चेष्टा करनी चाहिये. आज की लड़ाई शिक्षा व विभिन्न हुनरों में सर्वोत्तम निकलने की है. वह बाप के पैसे एवं ज़मीन से संम्भव नहीं … Continue reading

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विचारों के जंगल में-९

पता नहीं कुछ पढ़े लिखे लोगों केो पकौड़ेवाले या पानवाले इतने हीन क्यों लगते हैं. इसको एक काम या पेशेवर तरीके से करने में छोटा काम क्यों मानते हैं. मैं ज़िन्दगीभर आई. आई. टी खडगपुर से पास कर लोहे लकडवाला … Continue reading

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विचारों के जंगल में-८

२५.३.२०१८ त्रिभुवन जी, बहुत अच्छा लिखते हैं, लिखते रहिये . मुझे लगता है यही कारण है कि अलग अलग क्षेत्रों के जिसमें दक्षिण पूर्व एसिया के देश भी है, बहुत संतों ने रामायण की कथा को अपनी क्षैत्रिक बातों का … Continue reading

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