Author Archives: indra

पिछले दिनों की बिचार यात्रा 

१ 19.3.2017 कैसे ख़त्म होंगी हिन्दूओं में जाति प्रथा ? कैसे समझ पायेंगे साधारण रूढ़िवादी गाँव शहर के लोग जिन्हें जातियों एवं छूआछूत के भ्रम में रख न शिक्षित होने दिया गया, न सम्मानित , न समृद्ध कुछ धर्म के … Continue reading

Image | Posted on | Leave a comment

MAKE IN INDIA-My Dreams, My Views

1 Defence Services are failing ‘Make in India’: Bharat Karnad, Professor for National Security Studies at the Centre for Policy Research, New Delhi, writes in Open Magazine this week, “The three services also have in common the acute institutional hankering … Continue reading

Posted in Uncategorized | Tagged | Leave a comment

विचारों के बगिया से

10.2.2017 कल नोयडा में भोट है. किस पार्टी को यू. पी. के चुनाव में जीतना चाहिये? मीडिया के रिपोर्टों से यही लगता कि पार्टी की जीत जातिय समीकरण एवं अल्पसंख्यकों के झुकाव पर निर्भर है. मेरे ख़्याल से भारत के … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment

Budget 2017 and Real Indian Character

Arun Jaitley in a first of the sort budget revealed the true character of the Indian that has evolved after independence. We, Indians assisted by financial experts and professionals called Chartered Accountants and tax lawyers try perhaps our best to … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment

विमुद्रीकरण पर मेरी प्रतिक्रियायें

3.12.2016 विमुद्रीकरण और काला धन: नोयडा आने के पहले कलकत्ता में मुझे केवल वहाँ के सेठों के घर अपार नगदी रूपयों के होने की जानकारी थी. मैंने मारवाड़ी वयस्क महिलाओं को अपने बैग से मुठ्ठी भर भर न्यू मार्केट में … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment

Where did the black money go? 

As the Revenue Secretary, Hasmukh Adhia told to media, December 6, Tuesday, ‘ the government expects the entire money in circulation in the form of currency notes of Rs 500 and Rs 1,000 which have been scrapped to come back … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment

दवाई की दूकान, डाक्टर, और एक बृद्ध : मेरी ग़लती या उनकी

दवाई की दूकान, डाक्टर, और एक बृद्ध : मेरी ग़लत या उनकी (यह कहानी एक महीने पहले की है, पर कुछ बातें अभी की) कल मेरे साथ एक वाक़या हो गया जो मुझे मानसिक चिन्ता दे गया बहुत गहरा. मेरी … Continue reading

Posted in Uncategorized | Leave a comment