Category Archives: Uncategorized

कितनी गीता

कितनी गीतापिछले लेख (https://drishtikona.com/2021/06/05/हमारे-पुराने-ग्रंथों-में/) को मैंने यह कहते हुए समाप्त किया था, ‘महाभारत की अन्य गीताओं के बारे में अभी और नहीं जानता। पर महाभारत के पात्रों को ले अन्य अध्यात्म के ग्रंथों में ज़रूर और बहुत गीता हैं।अगली किस्त … Continue reading

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हमारे पुराने ग्रंथों में कितनी गीता

हमारे पुराने ग्रंथों में कितनी गीता हैं?क. महाभारत की गीतागीता आदि नाम ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ तीन शब्दों को मिला कर बना है- श्रीमत् + भगवत् + गीता. हम में अधिकांश को केवल एक लाख श्लोकों से पूर्ण महाभारत के एक ही भगवद्गीता … Continue reading

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प्रधान मंत्री मोदी जी से एक ज़रूरी प्रार्थना आम गाँववालों के लिये

प्रधान मंत्री मोदी जी से एक ज़रूरी प्रार्थना आम गाँव वालों के लियेबिहार, बंगाल, यहाँ तक कि अन्य प्रदेशों में गाँवों में स्वास्थ्य सम्बंधी बहुत काम नहीं हुआ। बिहार में मेरे गाँव, ननिहाल, ससुराल में ८० साल की तरह किसी … Continue reading

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गाँव क्या करे- रोयें या शहर भागे

आज रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता दिखी जो बहुत सामयिक है। पर मुझे इसके रचनाकार के विवाद में नहीं पड़ना, जिसकी भी हो बहुत सठीक एवं साम्य की दशा को दर्शा रही है। प्रभु रथ रोको!क्या महाप्रलय की तैयारी … Continue reading

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कोविद-१९ काल की दो विचार

पहला दुख प्रवासी मज़दूर समस्या, समाधान: आज इंडियन एक्सप्रेस में एक जाने माने कृषि विशेषज्ञ अशोक गुलाटी एवं बी. बी. सिंह का लेख पढ़ा प्रवासी मज़दूरों का। ये वे लोग हैं जिनका न अपना रहने की जगह होती है, न … Continue reading

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आत्मा- ब्रह्म कैसे दिखते हैं?

आत्मा- ब्रह्म कैसे दिखते हैंहमारे उपनिषदों के ऋषियों ने अपने जिस ब्रह्म को देखा उसका वर्णन किया है। हममें अधिकांश इसको मानने को तैयार न होंगे। पर अगर हम परमहंस रामकृष्ण, विवेकानन्द के निकटस्थ लोगों की अपने अनुभवों पर लिखी … Continue reading

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दुर्गा सप्तशती, रामनवमी, एवं सुन्दर कांड

२१ अप्रैल, २०२१ आज बहुत ही शुभ एवं व्यस्त दिन था- दुर्गासप्तशती के नवरात्रि के नौ दिनों के थोड़े तपस्वी आचरणों के साथ रहने एवं पाठ समाप्ति का अन्तिम दिन, और साथ ही तुलसी के रामचरितमानस के नायक मर्यादा पुरूष … Continue reading

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An Emergency Writeup

Some Questions of National Importance: I saw a column written by one highly respected intellectual of the country on an issue that is totally irrelevant as on today- Weaponising faith: The Gyanvapi Mosque-Kashi Vishwanath dispute https://indianexpress.com/article/opinion/columns/gyanvapi-mosque-dispute-kashi-vishwanath-temple-asi-7270802/. Some so-called religious goons … Continue reading

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उपनिषदों की आचरण संहिता

उपनिषदों की आचरण संहिताहमारे आदिग्रंथ- वेद, उपनिषद्, गीता सभी में व्यक्तिगत अनुशासन,संयम, नियम, आचरण की ज़रूरत पर बल दिया गया है। व्यक्ति के कर्ममय जीवन के किसी क्षेत्र में प्राचीन काल से आजतक इनको निष्ठा के साथ मान कर ही … Continue reading

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ईशोपनिषद् और उसका महत्व -विद्या क्या है, कैसी हो एवं क्यों- ३

ईशोपनिषद् और उसका महत्व -विद्या क्या है, कैसी हो एवं क्यों- ३ एकाधिक उपनिषदों में विद्या और अविद्या विषय पर चर्चा है, जो औपनिषदिक है और लगता है वह व्यवहारिक नहीं है।मण्डूकोपनिषद् में शिष्य रूप में आये महा-गृहस्थ शौनक का … Continue reading

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