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My Contemporary Thoughts and My Views-1

1 Entrepreneurs! Make in India: As reported, the Indian Army spends ₹400 crore on mules, which are the means of transporting rations and materials in inhospitable terrain. It can easily use drones for moving material. Design and develop indigenous drones … Continue reading

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महात्मा, धर्म, भगवद् गीता और हमारी असहिष्णुता

महात्मा गांधी के जन्मदिन पर एक अर्घ्य यह भी हो सकता है कि हम उनके ‘धर्म’ की मान्यता को समझें, जो निम्न है- “धर्म से मेरा अर्थ प्रथा-गत धर्म से नहीं है, परन्तु धर्म जो सभी धर्मों का आधार है, … Continue reading

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Present Crisis of Auto Sector

Will the government be able to pursue GST Council to agree for a cut in the rate of GST for auto sector from 28% to 18% as demanded by the auto manufacturers of the country? If not, what will be … Continue reading

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भगवद्गीता:हिन्दूओं से एक आग्रह:जाति प्रथा को छोड़ें।

हम सब यह स्वीकार करते हैं कि हमारा धर्म हिन्दू है. हमारा धर्म एवं जीवन भारत के अति प्राचीन काल के मनीषियों द्वारा रचित वेद, उपनिषद्,महाभारत, भगवद् गीता, रामायण आदि धर्मग्रथों की शिक्षाओं पर आधारित है. उसी आधार पर मेरा … Continue reading

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शंकराचार्य का जाति भेद का ज्ञान अर्जन

किस ज़माने में रह रहें है हम…हम सब क्या शंकराचार्य से भी ऊपर हैं या उन्हीं द्वारा प्रतिपादित हिन्दू होते हुये भी उनकी सीख से सीख नहीं लेना चाहते….पढ़िये शंकराचार्य का जाति भेद का ज्ञान अर्जन अपने वराणसी के प्रवासकाल … Continue reading

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Lessons from ISRO

ISRO could develop the high tech cryogenic engines for its launches such as Chandrayaan-2 against the international blocking of transfer of technology because of its nuclear test in 1974. Over 25-30 years ago, Isro was desperate to develop the cryogenic … Continue reading

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भगवद् गीता- जीवन की शान्ति एवं सुख कैसे मिले?

गीता कामनाहीन बनने की सीख देती है, पर साथ ही हर आम व्यक्ति एक शान्तिपूर्ण सुखमय जीवन की कामना भी रखता है. भगवद् गीता के अध्याय २ में स्थितप्रज्ञ के लक्षण बताते हुये यह प्रकरण आता है और शान्ति एवं … Continue reading

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